फासला इतना बढ़ाने की ज़रूरत क्या थी ? तुझे मुझसे रूठ कर जाने की ज़रूरत क्या थी ? अब क्यों मुझसे बिछड़ के उदासी है तेरे चहरे पे ? अपना हाथ मेरे हाथो से छुड़ाने की ज़रूरत क्या थी ? दुनिया कब किसी के