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हल चलाता खेतों में हर भूखे पेट का अरमान हूँ – J N Mayyaat

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हल चलाता खेतों में हर भूखे पेट का अरमान हूँ कभी तो अपना समझो यारों इसी देश का किसान हूँ बदल्ती हैं जब सरकारें तब बनजाता हूँ मतदाता आता हूँ नज़र चुनावों में , कहलाता हूँ अन्नदाता खिलौना समझ न खेलो मुझसे में भी

Online Love Shayari in Hindi – Faasla Itna Badhaane Ki Zarurat Kya Thi ?

फासला इतना बढ़ाने की ज़रूरत क्या थी ? तुझे मुझसे रूठ कर जाने की ज़रूरत क्या थी ? अब क्यों मुझसे बिछड़ के उदासी है तेरे चहरे पे ? अपना हाथ मेरे हाथो से छुड़ाने की ज़रूरत क्या थी ? दुनिया कब किसी के

Sad Shayari – Raat Bhar Hum To Sapne Sajaate Rahe

रात भर हम तो सपने सजाते रहे, लिख-लिख नाम तेरा मिटाते रहे ! शायद तेरा दीदार होगा आज सुबह, हर सुबह दर पे आँखें बिछाते रहे ! तेरी यादो का लेकर सहारा, मुश्किलो का एक घरोंदा बनाते रहे ! होगी नूर-ए-जशन महफ़िल हमारी भी,